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"किसान कर्ज मुक्ति" और "कृषि उपज का डेढ़ गुना दाम"  के लिए राष्ट्रव्यापी धरना और ज्ञापन
August 7, 2019 • Purushottam Sharma

"किसान कर्ज मुक्ति" और "कृषि उपज का डेढ़ गुना दाम"  के लिए राष्ट्रव्यापी धरना और ज्ञापन

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर 3 अगस्त 2019 को अखिल भारतीय किसान महासभा ने  देश भर में धरना प्रदर्शन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किए. इनमें किसान कर्ज मुक्ति बिल और लागत का न्यूनतम डेढ़ गुना दाम बिल को संसद में पास कराने के लिए सरकार को निर्देशित करने की मांग की गयी. ज्ञात हो कि देश के किसानों के हित में तैयार किये गए दो निजी बिल संसद में पेश किए गए थे. इनमें एक "किसान कर्ज मुक्ति बिल" है और दूसरा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर "किसानों की उपज में लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम दाम" देने से संबंधित था. पिछली मोदी सरकार के दौर में देश भर के लाखों किसानों के बीच व्यापक चर्चा के बाद ये निजी बिल तैयार किये थे. इन्हें 30 नवम्बर को हजारों किसानों ने संसद मार्ग पर "किसान संसद" के माध्यम से सरकार को भी सौंपा था. मगर किसानों से किए अपने 2014 के वायदे के विपरीत किसानों के हित में बने इन बिलों के प्रति केंद्र की मोदी सरकार उदासीन बनी रही. किसान महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति अपील की कि संकट के कारण आत्महत्या जैसे कदमों से जूझ रहे देश के करोड़ों किसानों के हित में उपरोक्त दोनों बिलों को संसद में पेश करने व पारित कराने के लिए आप केंद्र सरकार को निर्देशित करें. साथ ही सरकार को देश में सूखे व बाढ़ से पैदा स्थिति में किसानों, गरीबों को अविलंब राहत प्रदान करने और इस समस्या के स्थाई निदान के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दें.

बिहार के भोजपुर जिले में अखिल भारतीय किसान महासभा के तरफ से जिलाधिकारी के समक्ष किसानों के सम्पूर्ण कर्ज माफी व C2 के तहत msp डेढ़ गुना करने को लेकर एक दिवसीय धरना दिया. साथ ही महामहिम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया. धरने में चंद्रदीप सिंह पूर्व विधायक, सह जिला सचिव AIKM जिला कमिटी सदस्य : बिनोद कुशवाहा, कैलाश पाठक, विमल यादव, दुदुल सिंह, सरफराज आलम, श्रीराम यादव सहित अनगिनत लोग शामिल रहे. पटना जिले में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कामरेड उमेश सिंह, रामजीवन सिंह, कामरेड सोने लाल के नेतृत्व में ज्ञापन सोंपा गया. इसके अलावा जिले के पालीगंज, दुल्हिन बाजार, मसौढी, पुनपुन, नौबतपुर, बिहटा, मनेर प्रखंड के BDO को और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया. नालंदा में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने धरना दिया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सोंपा.  कार्यक्रम में समन्वय समिति के अध्यक्ष रामकृपाल सिंह, सचिव गरीब प्रसाद, राज्य पार्षद कमलेश कुमार मानव, किसान नेता कमलेश प्रसाद, विजय यादव, राजेश कुमार राय, माले सचिव विजय कुमार विजय, काँग्रेस नेता श्रवण सिंह, किसान नेता शिवनन्दन यादव, विश्वनाथ प्रसाद आदि उपस्थित थे. बिहार सरीफ में अखिल भारतीय किसान महासभा के केन्द्रीय कार्यालय सचिव राजेन्द्र पटेल, जिलाध्यक्ष मुनीलाल आदि नेताओं के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने धरना दिया. बैशाली जिले  में किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष बिषेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा. जहानाद में भी किसान महासभा के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने धरना दिया आयर ज्ञापन प्रेषित किया. पूर्णियां जिले में भी किसान महासभा के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया.

उत्तराखंड के लालकुआं में किसान महासभा प्रदेश अध्यक्ष आनंद नेगी और वरिष्ठ किसान नेता बहादुर सिंह जंगी के नेतृत्व में किसानों के एक जत्थे ने तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा. उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड के जालोन जिले  में किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव कुशवाहा के नेतृत्व में किसानों का जत्था जिला कार्यलय पहुंचा जहां प्रदर्शन बाद ज्ञापन भेजा गया. इसके अलावा भी जगह जगह से ज्ञापन भेजे गए.  हरियाणा के फतेहाबाद जिले में बैंक द्वारा कर्ज लिए किसानों के उत्पीड़न की जांच के लिए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेमसिंह गहलावत के नेतृत्व में एक जांच टीम ने गांवों का दौरा किया. इनके अलावा अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव हन्नान मोल्लाह ने बताया कि किसान सभा के बैनर तले महाराष्ट्र के कई जिलों में हजारों किसानों ने धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे. इसी तरह उत्तराखंड के देहरादून, राजस्थान के कुछ जिलों में भी किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे.