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किसानों ने एआईकेएससीसी के बैैैनर पर आन्दोलन तेज करने का लिया संकल्प 
September 26, 2019 • Purushottam Sharma

किसानों ने एआईकेएससीसी के बैैैनर पर आन्दोलन तेज करने का लिया संकल्प 
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भारी आपदा से आमजन की सुरक्षा हेतु  बागमती तटबंध की उचाई बढाने पर रोक, बागमती एवंअधवारा समूह की नदियों की उडाही तथा नहरें निकालकर  सिंचाई  हेतू नदी जल खेतों को उपलव्ध कराने  , कर्ज मुक्ति तथा ड्योढा दाम बिल संसद से पास कराने,गन्ना का परामर्शी मूल्य 6सौ रूपये क्वि. तय करने, रीगा चीनी मिल के जिम्मे गन्ना किसानों के बकाये 120करोड रूपये का ब्याज सहित भुगतान तथा लिमीट का60करोड  बैंको को जमाकराकर किसानों के खाता को एनपीए होने से बचाने,सभी बाढ पीडितो को राहत , फसल क्षति तथा इनपुट का भुगतान कराने,रून्नीसैदपुर -वेलसण्ड के बीच जल जमाव वाले क्षेत्र की पूरी अवधि तथा जल निकासी के लिए किसानो की अधिगृहित जमीन के मुआबजा का भुगतान ,बागमती के बायें खुले तटबंध को नेपाल सीमा रूसुलपुर से जमला तक जोडकर सीतामढी शहर सहित आधे दर्जन प्रखण्डों को बाढ से सुरक्षा दिलाने सहित किसानो के अन्य 17 सूत्री सवालों  पर  अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति सीतामढी के बैनर तले समाहरणालय पर किसान-मजदूरों ने 25 सितम्बर को एक-दिवसीय धरना-प्रदर्शन  किया।कार्यक्रम  की अध्यक्षता संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा सीतामढी के अध्यक्ष रामतपन सिंह ने की।इस मौके पर  संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा के  अलावे चास -वास जीवन बचाओ बागमती  संघर्ष  समिति  मुजफ्फरपुर, जय किसान आन्दोलन, स्वराज इण्डिया, किसान सभा, बिहार युवा गन्ना विकास मंच ,दुग्ध उत्पादक किसान  संगठन , तथा मछुआरा संघ के सैकड़ों कार्यकर्ताओ ने भागीदारी की।
 धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए मोर्चा के उतर बिहार के अध्यक्ष डा आनन्द किशोर ने  कहा किसान-मजदूरों की  समस्याये निरंतर गंभीर बनती जा रही है हम एक साथ बाढ तथा सुखाड़ दोनो तबाही झेलने को विवश है नदी की उडाही के वजाय भूकंपीय क्षेत्रो मे तटबंध को उंचा करना भारी आपदा को आमंत्रण देना है।गन्ना के मूल्य मे एक रूपये की वृद्धि नही की गई है चीनी मिलो को केन्द्र तथा राज्य सरकार लगातार राहत दे रही है। रीगा चीनी मिल गन्ना कानून की धज्जी उडा रहा है।ऐसे मे हमे दलो तथा जाति से उपर उठकर खेती के मुद्दों पर पूरे उतर बिहार मेआन्दोलन तेज करना होगा ।मुजफ्फरपुर से आये बागमती संघर्ष समिति के  साथी आनन्द  पटेल तथा रामबाबू जी ने कहा नये तटबंध  निर्माण तथा तटबंध उचीकरण की साजिश  चल रही है उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर के साथियों ने  आन्दोलन  तेज कर दिया है इसे पूरे बिहार में  फैलाना है।
 मोर्चा के महासचिव आफताब अंजुम ने कहा हम शीघ्र  उतर बिहार  मे मोर्चा के संगढन का विस्तार कर संघर्ष की रणनीति  बनायेंगे ।स्वराज इण्डिया के  अध्यक्ष संजय कुमार तथा मुकेश मिश्र ने कहा सरकार  किसानों की उपेक्षा  कर उद्योगपतियों की पिछलग्गू बनी हुई है।किसान सभा के केदार शर्मा ,नवल किशोर  राउत तथा प्रो दिगम्बर ठाकुर  ने देश मे बढते पूंजीवाद को किसान  मजदूरों के लिए भारी खतरा बताया  तथा एकजुट  आन्दोलन पर जोर दिया । मोर्चा के  वरिष्ठ नेता पूर्व प्राचार्य  ब्रज मोहन मंडल ने कहा सरकार बाढ राहत मे उलझाकर किसानों के  अन्य संकट की अनदेखी कर रही है ।सभा मे युवा किसान मंच के राजेश कुमार ने गन्ना किसानों के संकट पर संघर्ष तेज करने पर बल दिया। सभा को मोर्चां  के उपाध्यक्ष। जीवनाथ शाफी, चन्देश्वर नारायण सिंह, जलंधर यदुबंशी , शंकर मंडल ,लाल बाबू मिश्र, दिनेशचन्द्र द्विवेदी,पंकज कुमार सिंह,नगर परिषद के  पूर्व  अध्यक्ष  मनोज  कुमार, पारसनाथ सिंह , श्रीनिवास मिश्रा,हरिओम शरण नारायण ,ताराकांत झा, नचिकेता ठाकुर , सीताराम महतो, संजीव कुमार सिंह,  सर्वजीतयादव,सूर्यदेवभगत ,ओमप्रकाश ,राजकिशोर सिह , ओमप्रकाश कुशवाहा, रामसेवक सिंह,मोर्चा  नेता रामबृछ  मंडल, विजय कुमार ,अशोक निराला,उपेन्द्र चौधरी, नन्दकिशोर मंडल भोलाबिहारी,हृषिकेष कुमार सर्वोदय मंडल के जिला मंत्री हरिनारायण सिंह,बाजपट्टी अध्यक्ष  सत्यनारायण सिह, प्रो ललन कुमार  राय, मंसूर अहमद खान ,मुकेश कुमार,अरूण कुमार सिंह,  रामश्रेष्ठ सिंह  ,रामपुकार  साह ,सुरेन्द्र सिंह सहित अन्य किसान नेताओ ने संवोधित किया तथा संघर्ष तेज करनेका आह्वान किया ।
किसानो के  17सूत्री मांगो को लेकर मोर्चा का एक प्रतिनिधि मण्डल समाहर्ता द्वारा  अधिकृत अधिकारी एडीएम से मिला तथा17 बिन्दुओं पर बिन्दुवार बातचीत की।प्रतिनिधियों ने स्थानीय  मांगो पर ठोश कार्रवाई तथा सरकार स्तरीय मांगो को अनुशंसा के साथ सरकार  को भेजने का आग्रह किया ।