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★ कामरेड विनोद मिश्र की याद में 21 वां "संकल्प दिवस
December 18, 2019 • Delhi • रिपोर्ट

★ कामरेड विनोद मिश्र की याद में 21 वां "संकल्प दिवस"

कैलाश पांडेय

★ "संकल्प दिवस" पर लोगों ने माले की सामूहिक रूप से सदस्यता ग्रहण की

18 दिसंबर को भाकपा (माले) के पूर्व महासचिव कामरेड विनोद मिश्र की याद में पार्टी द्वारा हर वर्ष "संकल्प दिवस" के रूप में मनाया जाता है। आज उनके 21 वें स्मृति दिवस पर भाकपा (माले) कार्यालय के सम्मुख "संकल्प दिवस" कार्यक्रम में पार्टी सदस्यो को संबोधित करते हुए पार्टी के राज्य सचिव कामरेड राजा बहुगुणा ने कहा कि, "कामरेड विनोद मिश्र द्वारा पार्टी व कम्युनिस्ट आन्दोलन के विकास के लिए दिया गया योगदान अमिट है। 1970 के दशक में उन्होंने पार्टी को जटिल हालात से उबारते हुए भारतीय समाज के गहन अध्ययन के साथ भारत के क्रांतिकारी कम्युनिस्ट आंदोलन का मार्ग प्रशस्त किया। एक लाइन में कहें तो उन्होंने भारतीय क्रांति का महाकाव्य लिखा जो हमेशा भारत के कम्युनिस्ट आन्दोलन के लिए शिक्षा और प्रेरणा का काम करता रहेगा।" उन्होंने कहा कि, "हमारी पार्टी की सघन विचारधारात्मक और राजनीतिक गोलबंदी की हमारी परम्परा को नए सिरे से हकीकत में उतारना ही कामरेड विनोद मिश्र को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।"

राजा बहुगुणा ने कहा कि, "पिछले 6 सालों से मोदी सरकार सत्ता में है लेकिन मौजूदा वर्ष सबसे चुतौतीपूर्ण रहा है। पुलवामा अौर बालाकोट के बाद अंधराष्ट्रवाद की लहर पर सवार होकर दुबारा सत्ता में आई मोदी सरकार ने देश के लोकतांत्रिक अौर संघीय ढांचे को नष्ट कर आरएसएस की विचारधारा के अनुरूप देश को फासीवादी ढांचे मे ढालने का आक्रामक अभियान तेज कर दिया है। इस सरकार ने भारत के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को नष्ट कर दिया है। धर्म के आधार पर नागरिक संशोधन कानून बनाकर मोदी-शाह की जोड़ी ने इस बात को पुष्ट कर दिया है।"
  उन्होंने कहा कि, "मोदी सरकार ने कश्मीर से लेकर आसाम तक अौर हाल फिलहाल जामिया मिल्लिया,अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रो पर जो जुल्म ढाया है वह उसके हिटलरी  मार्ग का भारत में पुनरावृत्ति करने का प्रमाण है।" उन्होंने कहा कि, 'इस सबके बीच में यही सुखद है कि देश के कैम्पस शिक्षा,रोजगार के साथ भारत के संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक संघर्ष का सूत्रपात कर रहे हैं।'

 इस अवसर पर 'माले' जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि, "नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी मोदी सरकार के लिए वाटरलू साबित होगा। मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक विभाजनकारी कदम के लिए देश की जनता मोदी को कभी माफ नहीं करेगी और जनता का विरोध प्रचंड बहुमत वाली मोदी सरकार को ले डूबेगा। पूरे देश के हर कोने में हो रहे प्रतिरोध से यह साफ साफ दिखाई भी देने लगा है। इसीलिए इस राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध से मोदी सरकार बौखला गई है। असम से लेकर दिल्ली तक गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर हो रहा छात्रों और नागरिकों का बर्बर दमन इसका प्रमाण है।"
उन्होंने कहा कि, "मोदी सरकार द्वारा हर नागरिक के लिए न्याय,आजादी और बराबरी की गारंटी करने वाले संविधान पर हमला किया जा रहा है और दूसरी ओर देशी और विदेशी कॉरपोरेट घरानो के फायदे के लिए बड़े पैमाने पर लूट जारी है। जनता के पैसे से बनी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को एक-एक कर निजी हाथों में सौंपा जा रहा है परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ी है। जहां गरीब कुपोषण के शिकार हो रहे हैं वहीं अडानी-अम्बानी जैसे लोग अकूत धन संपदा बटोर रहे हैं। एक ओर अर्थव्यवस्था को चौपट करती मंदी छाई हई है अौर दूसरी ओर सरकार द्वारा फर्जी आंकड़े परोसे जा रहे हैं।"

कामरेड आनन्द सिंह नेगी ने कहा कि, "राष्ट्र के समक्ष खड़ी चुनौती का सामना व्यापक मजदूर-किसान आन्दोलन के द्वारा करना होगा।"

 कामरेड विमला रौथाण ने कहा कि, "आधी आबादी महिलाओं पर मोदी राज में हमले बढ़ गए हैं क्योंकि यह सरकार संविधान की जगह मनुस्मृति से संचालित हो रही है। इसका प्रमाण है कि चिन्मयानंद व साक्षी महाराज जैसे महिला विरोधी नेता मोदी सरकार की आंख के तारे बने हुए हैं।"

संकल्प दिवस पर नए पार्टी सदस्यों की सामूहिक भर्ती और शपथ का भी कार्यक्रम किया गया। इस अवसर नए सदस्यों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और क्रांति के झंडे को बुलंद रखने की शपथ ली। पार्टी के वरिष्ठ नेता कामरेड बहादुर सिंह जंगी ने नए सदस्यों को लाल झंडे के नीचे शपथ ग्रहण कराते हुए कहा कि हम अपने प्रिय नेता कामरेड विनोद मिश्र के दिखाए रास्ते पर अंतिम दम तक चलने के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि नए भारत के वास्ते भगत सिंह-अंबेडकर के रास्ते आज का सबसे ग्राहय नारा बन चुका है।

धर्म के आधार पर नागरिकता देने वाले नागरिकता संशोधन कानून को रद्द करने, एनआरसी को वापस लेने के लिए तथा असम से लेकर दिल्ली तक मोदी सरकार द्वारा चलाए गए राष्ट्रव्यापी दमन के विरोध में
वाम दलों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस के अवसर पर 19 दिसंबर को काकोरी कांड के शहीदों रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रौशन सिंह और राजेन्द्र प्रसाद की साझा शहादत के दिवस के दिन हल्द्वानी स्थित बुद्धपार्क में धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला लिया गया। इसके अतिरिक्त अवसर पर 8 जनवरी की मजदूरों की राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए पुरजोर ताकत लगाने का भी फैसला लिया गया।

इस अवसर पर भुवन जोशी, आनन्द सिंह सिजवाली, नैन सिंह कोरंगा, गोविन्द सिंह जीना, कमल जोशी, राम सिंह खड़का, राजेन्द्र शाह, स्वरूप सिंह दानू, आलम राम, नीमा मेहरा, गायित्री, सुशीला थारा, पार्वती जंगी, जमुना दानू, निर्मला शाही, दीपा, किशन बघरी, ललित जोशी, मुबारक शाह, जगदीश राम,एन डी जोशी, भास्कर कापड़ी, गोपाल सिंह, खीम सिंह वर्मा, त्रिलोक सिंह दानू,उत्तम दास, हरीश चंद्र सिंह भंडारी, मदन धामी, नारायण नाथ, डी एस मेहरा, बचन सिंह,धीरज कुमार, दीप पाठक आदि बड़ी संख्या में पार्टी नेता कार्यकर्ता मौजूद रहे। आगंतुक साथियों का स्वागत पार्टी के बिंदुखत्ता सचिव ललित मटियाली ने किया और कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता कामरेड गणेश दत्त पाठक ने की।