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8 जनवरी किसानों ने बड़वानी जिले के गावों में पूरा काम बन्द किया
January 9, 2020 • Delhi • रिपोर्ट

8 जनवरी किसानों ने बड़वानी जिले के गावों में पूरा काम बन्द किया

मेधा पाटकर

*8 जनवरी 2020 ग्रामीण भारत बन्द पर संकल्प प्रस्ताव*
*आज बड़वानी जिले के कई सारे गावों में पूरा काम बन्द किया।*
ग्रामवासी ग्रामीण भारत बन्द में समिमलित है। हमारे गांव तथा पुनर्वास स्थल पर आज खेती आेर व्यापार दोनों बन्द रखकर हम हमारे अधिकारों के प्रति सत्याग्रह शासन प्रशासन एवं केंद्र सरकार शासन तक भी पहुंचाना चाहते है।
हम नर्मदा घाटी के भारत के लोग है। हम किसान, मजुदर पशुपालक, मछुआरे, कुम्हार, कारीगर एवं व्यापारी भी है। हम ग्रामीण निवासी होकर प्रकृति के साथ जुड़ी संस्कृति आेर आजीविका के साथ मधयप्रदेश के इस  क्षेत्र में पीढ़ियों से निवास है। नर्मदा पर हमले हमारी आबादी,खेती आेर जीविका पर हुए आक्रमण डूब के सामने लड़कर हमने अधिकार आेर लाभ पाये हैं।
हमारे गांव में आज भी करीबन सैकड़ों परिवारों पुनर्वास के पात्र होकर भी बिना संपूर्ण पुनर्वास, उजाड़ गए है।
हमारे पुनर्वास स्थल पर स्थलांतित परिवारों सभी सुविधाएं न मिलने से वंचित है। नर्मदा में सूखा आेर डूब की आपदा से, विस्थपन आेर विनाश से ग्रस्त लेकिन संघर्ष निर्माण में कार्यरत है।
हम
हम नर्मदा घाटी के सभी लोग, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति आेर जनांदोलन से राष्ट्रीय समन्वय के बैनर तले बड़ी तादाद में इकट्ठे होकर संकल्प के साथ आग्रह करते है कि
हमे नहीं मिला है संपूर्ण न्याय-           १ करजमाफी आेर हर प्राकृतिक उपज का सही दाम।
२ हमारी मांग किसान संसद आेर दो कानून को पारित करके अमल तत्काल।
३हर मेहनतकश किसान, मजदूर पशुपालक मछुआरे मासिक को चाहिए ५००० मासिक पेशन का अधिकार।
४ नर्मदा के विस्थापितों को चाहिए संपूर्ण पुनर्वास।
५ किसानों को तत्काल मिले फल खेती के नुकसान की भरपाई।
६ हर विस्थापित को भूखंड आेर अनुदान आवस का अधिकार।
७ हमें चाहिए शिक्षा, स्वास्थ्य आवास का अधिकार।
अन्य मागो के लिए प्रस्ताव पारित किया गया है।
बड़वानी जिले के इन गांवों पिचोदी, सोंदुल, अवल्दा, जागरवा, बगुद, खेड़ी पीपलूद, अन्य गावों में किया गया है।

*राहुल यादव, धनराज भिलाला, सुखलाल भिलाला, रामेश्वर सोलकी, राजाराम भाई, हरेसिग दरबार*