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आर सी ई पी के खिलाफ अखिल भारतीय किसान महासभा और एआइकेएससीसी का देश भर में प्रदर्शन
November 7, 2019 • Purushottam Sharma

आर सी ई पी के खिलाफ अखिल भारतीय किसान महासभा और ए एआइकेएससीसी का देश भर में प्रदर्शन

राजेन्द्र पटेल

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर ‌4 नवम्वर को आरसीईपी के विरोध में देशव्यापी विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

आरसीईपी के तहत मोदी थाईलैण्ड की राजधानी बैंकॉक गये थे, इधर क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साक्षेदारी जो एक नई मुक्त व्यापार संधि का देशव्यापी विरोध हो रहा था। यह संधि देश के किसानों के लिए घातक है ‌। इस व्यापार समझौते से कृषि पर आधारित लोगों की आजीविका और बीजों पर उनके प्रभुत्व को खतरा है और साथ ही यह देश के डेयरी सेक्टर को भी खतरे में डालेगा। नेताओं ने कहा कि भारत सरकार 16 देशों के साथ समक्षौता करने वाले देशों के सामने घुटने न टेके। सरकार समक्षौता से बाहर आये। मोदी सरकार किसान आन्दोलन के दबाव में आरसीईपी से बाहर रहने को मजबूर हुई।  

दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना दिया गया और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई। धरना स्थल पर सभा को अखिल भारतीय किसान सभा के हन्नान मौला, स्वराज्य अभियान के योगेन्द्र यादव, अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम सिंह गहलावत,अविक साह,अयाकन्नू, कृष्णा प्रसाद, दिनेश अवरोल, अफसर जाफरी,रंजा सेन गुप्ता, संजीव, आदि नेताओं नेसम्बोधित करते हुए कहा कि आरसीईपी से मोदी सरकार को किसानों के हित में बाहर आ जाना चाहिए।

राजस्थान के क्षुंक्षनू जिला के बुहाना तहसील में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड रामचंद्र कुलहरि के नेतृत्व में विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई। मार्च में अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश सारोडा,, प्रेम सिंह नेहरा, एडवोकेट मुकेश चौधरी, एडवोकेट करण सिंह, हरि सिंह वेदी, रामेश्वर मैनाना, ताराचन्द्र नानवास,पातुराम पालोता,कप्तान मेहरचन्द कुलहरि, आदि किसान नेताओं ने सम्बोधित किया।

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड डी हरिनाथ और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के अन्य नेताओं के नेतृत्व में विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

उड़ीसा के पुरी जिला मुख्यालय पर अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड अशोक प्रधान और समिति के अन्य नेताओं के नेतृत्व में विरोध मार्च और आरसीईपी का प्रतियां जलाई गई।

पंजाब के पटियाला में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा पटियाला में आयोजित विरोध कार्यक्रम में शामिल हुए। मानसा में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रुल्दू सिंह के नेतृत्व में विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

पश्चिमी बंगाल के नदिया, कृष्णा नगर और कोलकाता में विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई। कोलकाता के विरोध मार्च का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड कार्तिक पाल , किसान महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य देशमुख जैतू और स्वराज्य अभियान के नेतागण कर रहे थे।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिला मुख्यालय में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

प्रयागराज में अखिल भारतीय किसान महासभा के सुभाष पटेल, गांधी ग्रामीण मंच के डाक्टर बी एल शर्मा,एआईकेएम एस के राम कैलाश कुशवाहा, सुरेश निषाद,एसयूसीआई के राजेन्द्र सिंह,एल आई सी वर्कर्स यूनियन के अविनाश मिश्रा, पीयूसीएल के ओडी सिंह,पीयूडीआर के आनन्द मालवीय, आदि नेताओं के नेतृत्व में पीडी टण्डन पार्क से सुभाष चौराहा तक विरोध मार्च और आरसीईपी का प्रतियां जलाई गई।

जालौन में अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता राजीव कुशवाहा, प्रभुदयाल पाल,राम सिंह चौधरी की ओर से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर, आरसीईपी को रद्द करने की मांग किया।

बिहार की राजधानी पटना में अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सहसचिव क्रमशः उमेश सिंह और राजेन्द्र पटेल, किसान महासभा के जिला सचिव कृपा नारायण सिंह, राज्य पार्षद क्रमशः मधेश्वर शर्मा और राजेश गुप्ता, अखिल भारतीय किसान सभा,जमाल रोड के पटना जिला सचिव सोने लाल, मनोज चन्द्रवंशी और अग्रगामी किसान सभा फारवर्ड ब्लाक के टी एन आजाद, आदि नेतागण विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाने का नेतृत्व किया। विरोध मार्च बुध्द स्मृति पार्क से नारा लगाते हुए स्टेशन गोलम्बर पर आकर समाप्त हुआ और यही पर आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

बैशाली जिला के जिला मुख्यालय हाजीपुर में अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष विशेश्वर प्रसाद यादव, जिला सचिव अरविंद चौधरी,ज्वाला प्रसाद, रामनाथ यादव, और समन्वय समिति के अन्य नेताओं के नेतृत्व में हाजीपुर शहर में विरोध मार्च निकाला गया और मोदी का पुतला दहन किया गया।

रोहतास जिला के विक्रमगंज में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अरूण सिंह , किसान महासभा के जिला सचिव जवाहर सिंह, नागेन्द्र सिंह, आदि नेताओं के नेतृत्व में विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

जहानाबाद जिला मुख्यालय में अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सचिव रामाधार सिंह, दिलीप कुमार, जिला अध्यक्ष जगदीश पासवान, आदि नेताओं के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

भोजपुर के पीरो में अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य उपाध्यक्ष चन्द्रदीप सिंह,दुदूलृ सिंह, संजय सिंह,बटेसर यादव, अरुण कुशवाहा, दिनेश्वर राम, रामवचन सिंह कुशवाहा, आदि नेताओं के नेतृत्व में विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई। 

जगदीशपुर में भाकपा माले कार्यालय से बाजार होते हुए कुंवर सिंह हाता तक विरोध मार्च निकाला गया और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई। मार्च का नेतृत्व किसान नेता बिनोद कुशवाहा, कमलेश यादव,गनेश कुशवाहा, रामाशीष यादव, जयराम, अरुण, आदि नेतागण कर रहे थे।

बक्सर के धनसोई में अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य परिषद सदस्य बिरेंद्र यादव और सोनवर्षा में अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य उपाध्यक्ष अलख नारायण चौधरी व रामेश्वर सिंह, आदि नेताओं के नेतृत्व में विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

भभुआ जिला मुख्यालय पर अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य बवन सिंह, भाकपा-माले के जिला सचिव कामरेड विजय सिंह यादव, माले नेता मोरध्वज सिंह कुशवाहा, रंगलाल पासवान,बिजू शर्मा, आदि नेताओं के नेतृत्व में नगरपालिका मैदान से निकल कर शहर से होते हुए एकता चौक तक विरोध मार्च निकाला गया और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

पश्चिमी चंपारण के जिला मुख्यालय में अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला संयोजक सुनिल कुमार राव, धर्मनाथ कुशवाहा, योगेन्द्र यादव,फुलदेव कुशवाहा,मुजमील मियां,मुख्तार मियां,जोखू चौधरी, सुरेन्द्र चौधरी, जवाहर प्रसाद,रीखी साहब, कृष्णा मुखिया, आदि नेताओं के नेतृत्व में विरोध मार्च और नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया गया।

नवादा जिला मुख्यालय पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर शहर में विरोध मार्च करते हुए प्रजातंत्र चौक पर अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवसागर शर्मा, किसान महासभा के जिला संयोजक किशोरी प्रसाद,रामयत्न सिंह, गोविन्द सिंह व समिति के अन्य नेताओं के नेतृत्व में विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई। सभा में सैंकड़ों लोगों ने नेताओं को सुना।

शेखपुरा में जिला मुख्यालय पर समिति के आह्वान पर पटेल चौक से अम्बेडकर चौक तक विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई,जिसका नेतृत्व अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य परिषद के सदस्य कमलेश कुमार मानव, समिति के जिला अध्यक्ष व किसान महासभा के जिला सचिव रामकृपाल सिंह, भाकपा-माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय, किसान महासभा के नेता राजेश कुमार राय, नरेश प्रसाद,वालेश्वर मोची, किसान सभा सीपीएम के नवल किशोर, राजेन्द्र पासवान,रवि सुधीर पाण्डेय, सुरेन्द्र पाण्डेय, आदि नेतागण कर रहे थे।

नालन्दा जिला के अनुमंडल मुख्यालय पर अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष मुन्नीलाल यादव, किसान महासभा के हिलसा प्रखणड के संयोजक दिनेश यादव,  करायपरशुराय के संयोजक विजय यादव, भाकपा-माले के हिलसा प्रखणड के सचिव जय प्रकाश  पासवान,नगरनौसा प्रखण्ड के संयोजक कामेश्वर प्रसाद, किसान नेता शिवशंकर प्र साद, अखिलेश प्रसाद,कलन्दर पासवान, अशोक पासवान, आदि नेताओं के नेतृत्व में भाकपा माले कार्यालय से विरोध मार्च निकलकर कालीस्थान से होते हुए शहर भ्रमण करते हुए योगीपुर मोड़ पर पहुंचकर सभा किया और आरसीईपी की प्रतियां जलाई।

बिहारशरीफ में अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव पालबिहारी लाल के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

अरवल जिला के कलेर में अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य कार्यकारिणी के सदस्य राजेश्वरी यादव और भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य रविन्द्र यादव के नेतृत्व में विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

मुजफ्फरपुर में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर विरोध मार्च निकाला गया और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई, जिसमें अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता परशुराम पाठक व समिति के अन्य नेतागण थे।

सीतामढ़ी जिला मुख्यालय पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर मेहसौल चौक से कारगिल चौक तक विरोध मार्च निकाला गया और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई। इसमें संगठन के बतौर संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा, उत्तर बिहार, सीतामढ़ी किसान सभा, और जय किसान आंदोलन शामिल था, इसके प्रमख नेताओं में थे डाक्टर आनन्द किशोर,केदार शर्मा,जय प्रकाश राय, संजय कुमार,मुकेश कुमार मिश्र, आफताब अंजुम, आदि।

तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़,क्षारखण्ड,असम, आदि राज्यों के विभिन्न स्थानों पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर विभिन्न घटक किसान संगठनों की ओर से विरोध मार्च और आरसीईपी की प्रतियां जलाई गई।

अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राजा राम सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन के दबाव में मोदी सरकार को आरसीईपी के बाहर रहना पड़ा। मोदी सरकार कभी भी चुपके से आरसीईपी में शामिल हो सकती है, इसलिए आरसीईपी के साथ ही स्वामिनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किसानों को कर्ज मुक्ति और फसलों का डेयोढा दाम देने की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति का दिल्ली में 29 और 30‌ नबम्वर,2019 को राष्ट्रीय कन्वेंशन में देशभर के किसान नेता भाग लेंगे, जिसमें मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ व्यापक आंदोलन की योजना बनेगी। राष्ट्रीय किसान कन्वेंशन में शामिल 250 किसान संगठनों के अलावे और भी बाहरी किसान संगठनों को शामिल करने का प्रयास किया जायेगा।