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असम की मीडिया को सलाम
December 15, 2019 • Delhi • आंदोलन

असम की मीडिया को सलाम :
पूरे देश में  नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं. उत्तर पूर्व इस लड़ाई के मोर्चे पर सबसे आगे खड़ा दिखाई दे रहा है. इसलिए वहाँ इंटरनेट बंद करने जैसी कार्यवाही भी केंद्र सरकार ने की है.  असम के स्थानीय मीडिया संस्थान भी नागरिकता संशोधन अधिनियम के मामले में लड़ाई में नजर आ रहे हैं. 
बीते बृहस्पतिवार को असम के मुख्यमंत्री सरबानन्द सोनोवाल ने मीडिया के लोगों की एक बैठक बुलाई. परंतु मुख्यमंत्री द्वारा आहूत उक्त बैठक में केवल 6 पत्रकार पहुंचे. ये पत्रकार राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों से जुड़े हुए हैं. स्थानीय मीडिया से जुड़ा कोई भी पत्रकार बैठक में नहीं पहुंचा. असमिया न्यूज़ चैनल के संपादकों ने तो सार्वजनिक रूप से ऐलान किया कि वे मुख्यमंत्री के साथ किसी बैठक में शामिल नहीं होंगे. असमिया न्यूज़ चैनल-प्रतिदिन टाइम के संपादक नितुमणि सैकिया ने मुख्यमंत्री से मिलने से इंकार करते हुए कहा कि जो राज्य को जलाने के लिए जिम्मेदार हैं,उनके साथ चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है. 
मुख्यमंत्री की बैठक के बहिष्कार का फैसला असम के मीडिया ने सामूहिक रूप से नहीं लिया बल्कि व्यक्तिगत रूप से सभी मीडिया संस्थान मुख्यमंत्री की बैठक के बहिष्कार के निर्णय पर पहुंचे और जो सामने आया,वो एक सामूहिक बहिष्कार था. अँग्रेजी समाचार पोर्टल-न्यूज़लॉन्ड्री में छपी रिपोर्ट के अनुसार- दैनिक अमर असम के संपादक प्रशांत राजगुरु ने कहा कि अगर सचमुच हमारे विचार जानना चाहती थी तो उसे नागरिकता संशोधन विधेयक पारित करवाने से पहले हम से चर्चा करनी चाहिए थी. 
बृहस्पतिवार को ही असमिया प्राग न्यूज़ के परिसर में पुलिस ने घुस कर मारपीट की. हालांकि असम के पुलिस महानिदेशक ने इसे भूलवश घटी घटना बताया पर असम के मीडिया ने इसे पुलिस का बचकाना बहाना करार दिया. 
बहरहाल एक ऐसे समय में जब राष्ट्रीय मीडिया सत्ता के सामने बिछा चला जा रहा है और सत्ता के हर झूठ को सच और सत्ता की हर सनक को राष्ट्रीय हित साबित करने पर तुला है,असम के मीडिया का यह साहस प्रशंसनीय है. काश कि अपने असम के साथियों से सबक लेते हुए, थोड़ी रीढ़ राष्ट्रीय मीडिया के बंधु और भगिनियाँ भी देखता तो हुकूमत इस कदर बेलगाम न होती. 
सरकार के बजाय अपने राज्य की जनता के पक्ष में खड़े होने का साहसपूर्ण फैसला लेने वाले असम के पत्रकार साथियों को सलाम. 

https://www.newslaundry.com/2019/12/13/assam-journalists-skip-meeting-called-by-cm-sonowal-in-solidarity-with-cabbill-protests