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भीड़ मर गयी, गैलीलियो नहीं मरा"
November 15, 2019 • Delhi • लेख

*"भीड़ मर गयी गैलीलियो नहीं मरा"*

हम सब को बहुत गुस्सा आता है 

*जब हम पढते हैं कि किस तरह क्रूर ईसाई धर्मान्धों ने गैलीलियो को जिंदा जला दिया था !* 

गैलीलियो का गुनाह क्या था? उसने सच बोला था ! उसने कहा था कि 

*सूर्य पृथ्वी के चारों तरफ नहीं घूमता बल्कि पृथ्वी सूर्य के चारों तरफ घूमती है !* 

जबकि धर्मग्रन्थ में लिखा था कि... 

*पृथ्वी केन्द्र में है और सूर्य तथा अन्य गृह उसके चारों तरफ घुमते हैं !*

गैलीलियो ने जो बोला वो सच था ! धर्मग्रन्थ में झूठ लिखा था | इसलिए... 

*धर्मग्रंथ को ही सच मानने वाले सारे अंधे गैलीलियो के विरुद्ध हो गये !*

गैलीलियो को पकड़ लिया गया 

*गैलीलियो पर मुकदमा चलाया गया ! अदालत ने सत्य को अपने फैसले का आधार नहीं बनाया !* 

बल्कि ... 

*अदालत भीड़ से डर गयी ! भीड़ ने कहा यह हमारे धर्म के खिलाफ बोलता है इसे जिंदा जला दो !* 

अदालत ने फ़ैसला दिया... 

*इसे ज़िंदा जला दो क्योंकी इसने लोगों की धार्मिक आस्था के खिलाफ बोला है !*

जिंदा जला दिया गया गैलीलियो, सत्य बोलने के कारण !

*सत्य हार गया अंधविश्वासीआस्था जीत गयी !*

आज भी जब हम ये पढते हैं तो... 

*सोचते हैं कि काश तब हम जैसे समझदार लोग होते  तो ऐसा गलत काम न होने देते !* 

लेकिन अगर मैं आपको बताऊँ कि 

*ऐसा आज भी हो रहा और आप इसे होते हुए चुपचाप देख भी रहे हैं तो भी क्या आप में इसका विरोध करने का साहस है ?* 

आप अपनी तो छोडि़ये 

*इस देश के सर्वोच्च न्यायालय में भी ये साहस नहीं है !* 

*न्यायालय के एक नहीं अनेकों निर्णय ऐसे हैं जो सत्य के आधार पर नहीं धर्मान्ध भीड़ को खुश करने के लिए दिये गये हैं !*

भयंकर स्थिति है ! 

*सच नहीं बोला जा सकता !* 

विज्ञान बढ़ रहा है ! 

*विज्ञान का उपयोग हथियार बनाने में हो रहा है !* 

विज्ञान की खोज  टीवी है, सोशल मीडिया है, मोबाइल है, कम्प्यूटर है।

*टीवी और सोशल मीडिया का इस्तेमाल लोगों के दिमाग बंद करने में किया जा रहा है !*

इतना ही नहीं....

*लोगों को भीड़ में बदला जा रहा है !*

भीड़ की मानसिकता को एक जैसा बनाया जा रहा है ! 

*जो अलग तरह से बोले उसे मारो या जेल में डाल दो !* 

अलग बात बोलने वाला अपराधी है ! सच बोलने वाला अपराधी है !

यह भीड़ हिंदुस्तान से लेकर अमेरिका तक फ़ैली है, 

*वही भीड़ संसद भवनों और विधान सभाओं में दाखिल हो गयी है !*

 वो कुर्सियों पर बैठ गयी है ! 

वो तर्क को नहीं मानेगी, इतिहास को नहीं मानेगी !

*ये भीड़ राजनीति को चलाएगी !* 
*विज्ञान को जूतों तले रोंद देगी !* 
*कमजोर किसान मजदूर को मार देगी !* 

और फिर 

*ढोंग करके खुद को धर्मिक, राष्ट्रभक्त और मुख्यधारा कहेगी !* 

मगर....

*मैं खुद को इस भीड़ के राष्ट्रवाद, धर्म और राजनीति से अलग करता हूं !* 

मुझे इसके खतरे पता हैं ! 

*पर मैंने इतिहास में जाकर जलते हुए गैलीलियो के साथ खड़े होने का फ़ैसला किया है !* 

मुझे पता है 

*मेरा अंत उससे ज्यादा बुरा हो सकता है !* 

पर देखो न....

*भीड़ मर गयी गैलीलियो नहीं मरा !*

एक वायरल सत्य... राजकुमार सिंह   गाजियाबाद   उत्तर प्रदेश मोबाइल नंबर (+919811356610)🌅