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धान लगाने पर रोक किसानों को बर्बाद करने वाला तुगलकी फरमान
May 16, 2020 • Delhi • रिपोर्ट

धान लगाने पर रोक किसानों को बर्बाद करने वाला तुगलकी फरमान

धान लगाएंगे या जेल जाएंगे हरियाणा के किसान

अमन रतिया

'धान लगाएंगे या जेल जाएंगे' के नारे के साथ अखिल भारतीय किसान महासभा ने हरियाणा के रतिया ब्लाक के गांव कमाना, बाडा, बबनपूर, ढाणीबबनपूर आदि में सरकार द्वारा धान न लगाने के फैसले के विरोध में मीटिंग की।

बैठक में किसान नेता सुखविंदर सिंह रतिया ने कहा कि धान लगाए जाने पर हरियाणा सरकार द्वारा लगाई गई रोक किसानों को बर्बाद करने वाला तुगलकी फरमान है।

अखिल भारतीय किसान महासभा ने धान लगाने पर पाबन्दी के फैसले की पुरजोर निंदा की है और सरकार से इस फैसले को वापिस लेने की मांग की है। हरियाणा सरकार ने बिना कोई विकल्प दिए राज्य के आठ ब्लाकों में धान न लगाने का फरमान जारी करके किसानों को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है।

किसानों की मांग है कि सरकार विकल्प के तौर पर धान न बोने वाले किसानों को 7000 रुपए की जगह 30000/-प्रति एकड़ के हिसाब से नकद राशि प्रदान करे। उगाई जाने वाली दूसरी फसलों का MSP निर्धारित करे व लागत मूल्य से ढेड गुणा भाव और फसल खरीद की गारण्टी करे।

किसान महासभा ने मांग की है सरकार सभी किसान कर्ज मुक्त करे, भूना शूगरमिल चालू हो। जब तक किसानों की उक्त मांगें पूरी नहीं होती किसान चुप नहीं बैठेंगे और संगठित होकर लड़ेंगे।