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कृषि सम्बन्धी बिलों के खिलाफ किसानों ने मोदी सरकार के पुतले फूंके
September 22, 2020 • Delhi • आंदोलन
 
कृषि सम्बन्धी बिलों के खिलाफ किसानों ने मोदी सरकार के पुतले फूंके
 
राम आधार सिंह / राम चन्द्र कुलहरि / पूरन महतो
 
मोदी सरकार के तीनों किसान बिलों का विरोध करते हुए आज देश भर में किसान संगठनों ने मोदी सरकार का पुतला फूंका और विरोध मार्च व सड़क जाम कार्यक्रम को सफल बनाया। पंजाब में एक दिन पहले ही लगभग पंद्रह सौ गांवों में मोदी सरकार का पुतला फूंका गया था। आज भी कई जगह पुतले फूंके गए।
 
अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड राजा राम सिंह ने बिहार के ओबरा में मोदी सरकार का पुतला दहन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और नीतीश की पार्टी देश के किसानों के साथ धोखा कर रहे हैं। अगर सरकार किसानों को आजादी दे रही है तो किसानों व उसके संगठनों से बात करने से क्यों डर रही है। कामरेड राजा राम सिंह ने कहा कि देश का किसान अपनी खेती, किसानी और देश की खाद्य सुरक्षा को कारपोरेट और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का गुलाम नहीं बनने देंगे। उन्होंने किसानों से विरोध कार्यक्रमों को जारी रखने व 25 सितम्बर को आयोजित प्रतिरोध दिवस पर लाखों की संख्या में सड़कों पर उतरने की अपील की। 
 
देश की सभी वामपंथी पार्टियां किसान आंदोलन के साथ हैं।भाकपा (माले) महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य और सीपीएम के महासचविव कामरेड सीताराम येचुरी ने टोनों किसान विरोधी बिलों का विरोध करते हुए 25 सितम्बर को किसान संगठनों द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध कार्यक्रम को समर्थन देने की अपील की है। अखिल भारतीय किसान महासभा ने राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, झारखण्ड, प.बंगाल, बिहार उड़ीसा आंध्र प्रदेश में विरोध कार्यक्रम आयोजित किये। पंजाब व हरियाणा में तमाम किसान संगठन आज भी प्रतिरोध जारी रखे हैं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और भारतीय किसान मजदूर महासंघ, कांग्रेस व सपा का किसान संगठन भी इन बिलों के विरोध में सड़कों पर दिखा।
राजस्थान के झुंझनूं में 21 सितम्बर को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रव्यापी आव्हान पर आज अखिल भारतीय किसान महासभा ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित किसान विरोधी खेती संबंधी विधेयकों के खिलाफ कई ग्रामों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया । बुहाना तहसील के ग्राम ठिंचौली में किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड रामचन्द्र कुलहरि के नेतृत्व में, ग्राम झारोङा में अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष कामरेड ओमप्रकाश झारोङा के नेतृत्व में, ग्राम ठोठी में जिला उपाध्यक्ष कामरेड सूरजभान सिंह के नेतृत्व में व खेतङी तहसील के ग्राम चारावास में जिला उपाध्यक्ष कामरेड इंद्राज सिंह चारावास के नेतृत्व में किसानों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया।
 
इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड रामचन्द्र कुलहरि ने बताया कि शांता कुमार आयोग की सिफारिशों के अनुसार एम एस पी व्यवस्था को खत्म करने के लिए व कारपोरेट घरानों को फायदा पंहुचाने के लिए, कारपोरेट घरानों को किसानों की बेशकीमती उपजाऊ भूमि संविदा के नाम पर देकर इस देश की खाद्य सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए तथा धन्ना सेठों को जमाखोरी का अधिकार देकर अनाज का कृत्रिम संकट पैदा कर भारी मुनाफा लूटने की छूट देने की शाजिस है । यह किसानों का संघर्ष सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष नहीं बल्कि किसान बनाम भारत सरकार है । आगामी 25 सितम्बर  को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति देश भर में भारत बंद का आयोजन कर रहा है । झुंझनूं जिले में तमाम किसान संगठन बंद में शामिल होंगे ।
        
अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद दिवस के तहत बिहार में प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया गया। ज्ञातव्य हो कि कल ही यानी 20 सितंबर को राज्यसभा में भारी हंगामा के बाद भी विवादित कृषि अध्यादेश फार्म सेक्टर बिल पास कर दिया गया. इसके विरुद्ध आज अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद दिवस के तहत किसानों ने बिहार के राज्य मुख्यालय सहित विभिन्न बाजार चटियों में मोदी का पुतला दहन कर विरोध जताया।
प्रतिवाद में मार्च करते हुए निम्नलिखित नारे लगाए। आवश्यक वस्तु  संशोधन  विधेयक 2020 वापस लो! कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य संवर्धन व सरलीकरण विधायक 2020 वापस लो! कृषक सशक्तिकरण व संरक्षण, कीमत आश्वासन व कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 वापस लो! कर्ज मुक्ति और ड्योढ़ा दाम - लेकर रहेगा देश का किसान! मोदी सरकार होश में आओ - किसानों से मत टकराओ! खेती किसानी और देश की खाद्य सुरक्षा की गुलामी के कृषि संबंधी तीनों बिल वापस लो! कारपोरेट - बहुराष्ट्रीय कंपनियों खेती छोड़ो! जन वितरण प्रणाली को बंद करने की साजिश वापस लो! पुतला दहन के बाद किसानों व नेताओं ने कृषि पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव पर विस्तार से बातें रखी।
पटना राज्य मुख्यालय के जमाल रोड में अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष विशेश्वर यादव, केंद्रीय कार्यालय स ह सचिव राजेंद्र पटेल, बिहार राज्य किसान सभा के राज्य सचिव विनोद प्रसाद तथा जय किसान आंदोलन के नेताओं ने संयुक्त  रूप से भाग लेकर पटना में पुतला दहन किया। भोजपुर के अगियाव में जिला सचिव चंद्रदीप सिंह तथा इसी जिला के संदेश तथा कोईलवर में भी अन्य नेताओं के नेतृत्व में पुतला दहन किया गया। अगिआंव में आरवाईए नेता मनोज मंजिल के नेतृत्व में, पटना जिला के नौबतपुर में जिला सचिव कृपा नारायण के नेतृत्व में , जहानाबाद के सहो बिगहा में रामबली यादव, औरंगाबाद जिला के ओबरा में राष्ट्रीय महासचिव राजाराम सिंह के नेतृत्व में तथा अरवल जिला के मानिकपुर बाजार में राज्य सचिव रामाधार सिंह व जिला सचिव राजेश्वर यादव व किसान नेता अवधेश यादव के नेतृत्व में पुतला दहन किया गया।
भाकपा माले व अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से जमुआ चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। अखिल भारतीय किसान महासभा के रीतलाल प्रसाद वर्मा ने कहा कि भाजपा देश के किसानों से अच्छे दिन और किसानों का दोगुना  मुनाफा देने का घोषणा करके सत्ता में आई और मोदी किसानों के ऊपर विधेयक लाकर किसानों के जमीन और  उपज कंपनियों हवाले करना चाह रहे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित भाकपा माले के जिला कमेटी सदस्य कॉमरेड विजय पांडे, कामरेड मीना दास, लल्लन यादव, राजा राजेश दास, अरुण कुमार विद्यार्थी, रंजीत यादव, सुरेंद्र राय, भागीरथ पंडित, रामेश्वर ठाकुर, अनिल अंसारी, बाबूलाल महतो, बाबूलाल मंडल आदि लोग शामिल थे।