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क्वेरन्टीन सेंटर बने यातना गृह
May 19, 2020 • Delhi • रिपोर्ट

क्वेरेन्टीन सेंटर बने यातना गृह,

सरकार क्वेरेन्टीन सेंटर का जारी करे मैनुअल !

सुदामा प्रसाद, विधायक भाकपा (माले) बिहार

*# तरारी से भाकपा (माले) विधायक सुदामा प्रसाद ने 18 मई को 20 क्वेरेन्टीन सेंटरों का किया निरीक्षण!*

भाकपा (माले) बिहार राज्य कमिटी सदस्य व तरारी विधायक सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में सहार के सहार, चौरी, फतेपुर, राजदेव नगर, खैरा, करबासिन, पेउर, तरारी के तरारी, सिकरहटा, बागर, सेदहाँ, भकुरा, अकरंज, बड़कागांव, पीरो सहित बीस कोरेन्टीन सेंटर का पार्टी की टीम ने निरिक्षण किया।

इस टीम में भाकपा (माले) राज्य कमिटी सदस्य व तरारी प्रखंड सचिव रमेश सिंह, भाकपा (माले) के पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह, कमता सिंह, पूर्व प्रखंड प्रमुख (ब्लाक प्रमुख) मदन सिंह, जमाल अख्तर, राम दयाल पंडित शामिल थे। जांच करने के बाद टीम के नेतृत्वकर्ता व तरारी विधायक सुदामा प्रसाद ने प्रेस विज्ञप्ति के मध्यम से कहा कि मोदी - नीतीश की सरकार प्रवासी मजदूरों के प्रति असंवेदनशील बनी हुई है।

उन्होंने कहा एक तरफ मजदूर दूसरे राज्यों में अपने जीवन को सुरक्षित करने के लिए मुशीबत झेलते हुए किसी तरह अपने गृह जिले में पहुंचे, तो यहां की नीतीश सरकार ने क्वेरेन्टीन सेंटरों को यतना गृह में बदल दिया है और इन प्रवासी मजदूरों का जीवन नारकीय बना दिया है। बची खुची कसर प्रधानमंत्री का सोशल डिस्टेंसिंग का आह्वान के कारण मजदूरों को घृणा का शिकार होना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इन सेंटरों में समूची बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। सेंटरों में मजदूरों को शारीरिक दूरी के हिसाब से नहीं रखा जा रहा है। पीने के लिए साफ पानी, बिछावन, पौस्टिक आहार की घोर कमी है। दोनों टाइम केवल दाल - चावल खाने में दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर अपने घरों में भी बाहरी दुख झेल रहे हैं।

उन्होंने मांग किया कि सरकार इन सेंटरों का मैनुअल जारी करे। जेल से भी बेकार स्थिति न बानाए क्योंकि जेल में भी एक मैनुअल रहता है। उन्होंने कहा सभी सेन्टरों में पौस्टिक आहार, नास्ता, पीने के लिए साफ पानी, सेनिटाइजर, मास्क, साबुन, मच्छरदानी, पंखा, अखबार आदि की गारंटी हो। शारिरिक दूरी के हिसाब से रहने की व्यवस्था हो।

महिलाओं के लिए रहने, स्नान करने के लिए स्नान घर, उनके बच्चों के लिए दूध का प्रबंध हो। लॉक डाउन मुआवजा के तहत हर प्रवासी मजदूरों को 10 हजार रुपया और तीन माह का राशन देने की गारंटी सरकार करे।