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रेलवे के निजीकरण के खिलाफ आइसा/आरवाईए का राष्ट्रव्यापी विरोध
July 9, 2020 • Delhi • रिपोर्ट

रेलवे को निजीकरण के खिलाफ आइसा-आरवाईए का देशव्यापी प्रतिरोध दिवस

कमल उसरी

आज आल इंडिया स्टूडेंट एशोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने रेल के निजीकरण और पदों में कटौती के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाया। *बिहार के भोजपुर में आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड मनोज मंजिल ने इस मौके पर आंदोलनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने रेलवे में 150 प्राइवेट ट्रेनें चलाने व 50% पदों को खत्म करने की मंजूरी को देश की रीढ़ पर हमला बताया*

*#आईआरईएफ व 69000 शिक्षक भर्ती न्याय मोर्चा ने भी रेल निजीकरण के खिलाफ प्रतिरोध को दिया समर्थन*

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने आज रेलवे को प्राइवेट करने के खिलाफ देशव्यापी प्रतिरोध किया । प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकरियों के साथ इलाहाबाद सहित कई जगह आरपीएफ जवानों ने जबरदस्ती आंदोलनकारियों को हटाने की कोशिश की। जिसके चलते आंदोलनकारियों की उनसे झड़प भी हुई।

इलाहाबाद के विरोध-प्रदर्शन में शामिल आइसा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पासवान ने कहा कि मजदूर-कर्मचारियों के खून पसीने से खड़ी की गई रेलवे को अब पूंजीपतियों के हाथों में बेचा जाना देश की रीढ़ पर बड़ा हमला है । रेलवे के आरपीएफ समेत सरकारी कर्मचारियों के टीए-डीए में कटौती हो रही है, उनकी लगातार छंटनी हो रही है । ऐसे में अब कर्मचारियों को भी रेलवे बचाने के आंदोलन में खुलकर आ जाना होगा । रेल मंत्रालय ने 150 प्राइवेट ट्रेनें चलाने व रेलवे के 50% पदों को खत्म करने की मंजूरी दी है ।

यह मोदी सरकार द्वारा देश के सरकारी संस्थानों को निजीकरण करने की नीति के तहत अब तक का सबसे बड़ा हमला है । महामारी को मोदी सरकार ने मजदूर-कर्मचारियों की रोजी-रोटी छिनकर पूंजीपतियों का गुलाम बनाने अवसर के रूप में प्रयोग कर रही है । इससे रेल की पटरियों पर बड़े बड़े धनसेठों की प्राइवेट रेलें चलेंगीं, जिससे जनता की सवारी रेलवे की सुविधा आम आदमी की पहुंच से महंगा होने के कारण दूर हो जाएगा ।

छात्र-युवा कत्तई ऐसा नहीं होने देंगें । इसलिए आइसा-आरवाईए ने निजीकरण की इस भयानक नीति के खिलाफ देशव्यापी-प्रतिरोध के तहत रोजगार बचाने का भी आंदोलन कर रही है। इलाहाबाद के प्रदर्शन में 69000 न्याय मोर्चा के जिला संयोजक सुमित गौतम समेत कई लोगों ने हिस्सा लिया।

आइसा-आरवाईए ने मांग किया कि रेलवे में 50% पदों को खत्म करने क फरमान तुरन्त वापस लिया जाए । प्राइवेट ट्रेनें चलाने की मंजूरी को रद्द किया जाए । रेलवे में रिक्त पड़े सभी पदों पर भर्ती के लिए सरकार अविलंब विज्ञापन जारी करे ।

इस मौके पर इंडियन रेलवे एम्प्लाइज फेडरेशन (IREF) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कॉमरेड डॉ. कमल उसरी ने भी समर्थन किया । आरवाईए के प्रदीप ओबामा, आइसा से मोनिस रहमानी, अनिरुद शर्मा आदि शामिल रहे । सभा का संचालन आइसा से शक्ति रजवार ने किया ।