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सरकारों ने छोड़ा, मजदूर संगठनों ने थामा मजदूरों का हाथ
May 30, 2020 • Delhi • रिपोर्ट

सरकारों ने छोड़ा, मजदूर संगठनों ने थामा मजदूरों का हाथ

सैय्यद अरफ़ात अली

सेन्ट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन संबद्ध इरेफ, व ऐक्टू के द्वारा लगातार महीनों से कभी हाईवे तो कभी मजदूर बस्तियों में और अब जब से श्रम एक्सप्रेस ट्रेन चलने की शुरुआत हुई हैं तब से इलाहाबाद जंक्शन' पर लाई ,चना,गुड़, सत्तू,पावरोटी, खीरा, पानी इत्यादि का वितरण लाकडाउन के नियमों का पालन करते हुए प्रवाशी मजदूरों के बीच कर रहे हैं,इंडियन रेलवे इम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड मनोज पाण्डेय ने कहा सरकार हमारा वेतन तो काट रही है लेकिन उस पैसे को सरकार खर्च कहाँ कर रही हैं किसी को कुछ नहीं पता है ?

उन्होंने कहा हम मजदूरों के संगठन है और हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम इस संकट के समय लोगों के साथ खड़े हो इसीलिए हमे जो वेतन मिलता हैं उसी से बचा कर असंगठित क्षेत्र के मजदूर साथियों के लिए कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं, मैं तो सरकार से कहना चाहता हूं कि रात दिन हम रेल कर्मी जान हथेली पर ले कर रेलगाड़ी चलाकर प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचा रहे हैं, और हमारा ही वेतन सरकार काट रही है, मैं तो कहता हूँ कि थोड़ा वेतन हमारा और काट लीजिए लेकिन हमारे देश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भूख से तड़पा कर न मारिए और नाहि रेलवे का संचालन बिगाड़कर रेलवे को बदनाम करके रेलवे का निजीकरण करने की कोशिश करिये। रेल यात्रा के दौरान जो मजदूरों की मौतें हो रही है वो बहुत ही दुःख दायी व कष्टदायी है ।

ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव डॉ कमल उसरी ने कहा कि हम लगातार बिना किसी प्रचार प्रसार के प्रवासी मजदूरों का सहयोग कर रहे हैं, हम कोई एन जी ओ नहीं है, लेकिन हम संगठित क्षेत्र के साथियों से सहयोग लेकर करोडों असंगठित क्षेत्र के प्रवासी मजदूरों के लिए अपनी क्षमतानुसार सहयोग कर रहे है, सरकार के अनाज के गोदाम भरे हैं, लेकिन लोग भूख से मर रहे हैं सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है,आज संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को चाहिये कि वो असंगठित क्षेत्र के प्रवासी मजदूरों के साथ एकता बनाकर सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण और श्रम कानून के स्थगन के खिलाफ संघर्ष को तेज करें जिसकी कोशिश हम लगातार कर रहे है,

वर्कर्स यूनियन के सहायक महामन्त्री सैय्यद इरफ़ात अली ने कहा कि वर्कर्स यूनियन ,इरेफ व ऐक्टू, इलाहाबाद, आगरा, झांसी, नई दिल्ली, मुग़ल सराय इत्यादि जगहों पर लगातार प्रवासी मज़दूरों व जरूरत मंदों के बीच अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने का प्रयास कर रहे है । वर्कर्स यूनियन के कॉमरेड आर.ए . रिज़वी , शैलेश पासवान, सन्दीप सिंह , इफ्तेखार अहमद , अमित कनौजिया, प्रदीप ओबामा, बबली, सुनीता, रूपा, मंजू , राजकुमार, सुनील कुमार आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे ।